श्री ब्रह्मा जी, श्री विष्णु जी तथा श्री शिव जी की स्थिति अविनाशी बताई गई है सर्व हिंदू समाज अभी तक तीनों देवताओं की अजर-अमर व जन्म मृत्यु रहित बताते रहे जबकि यह तीनों नाशवान है ।
कबीर साहेब जयंती बनाम कबीर प्रकट दिवस कबीर साहेब जी ने अपनी वाणी में स्पष्ट किया है कि उनका जन्म नहीं होता :- ना मेरा जन्म ना गर्भ बसेरा, बालक बंद कराया । काशीनगर जल कमल पर डेरा, जहां जुलाई ने पाया ।। मात-पिता मेरे कुछ नाही, ना मेरे घर दासी । दुल्हे का सुत आन कहाया, जगत करें मेरी हंसी ।। उन अवतारों की जयंती मनाई जाती है जो माता से जन्म लेते हैं और जो स्वयं प्रकट होते हैं, उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है। परमात्मा कबीर जी चारों युगों में एक शिशु के रूप में प्रकट होते हैं। कलियुग में, वह सन् 1398 में काशी के लाहारातारा तालाब में एक बच्चे के रूप में दिखाई दिए, जिसके ऋषि अष्टानंदजी साक्षी बना। इसलिए कबीर साहेब का प्रकट दिवस मनाया जाता है। कबीर, ना मेरा जन्म न गर्भ बसेरा, बालक बन दखलाया। काशी नगर जल कमल पर डेरा, तहां जुलाहे न पायि ।।
दीवाली की अंधेरी रात को, अज्ञान, लोभ, ईर्ष्या, कामना, क्रोध, अहंकार और आलस्य के अंधकार को दूर किया जा सके, तथा ज्ञान, विवेक और मित्रता की चमक लाई जा सके।
कबीर साहेब ही अल्लाह हैं । पवित्र कुरान शरीफ फुरकान 25 आए तो 59 हजरत मोहम्मद को कुरान शरीफ बोलने वाला अल्लाह कह रहा है कि वह अल्लाह कबीर वही है जिसनेजमीन तथा आसमान के बीच में जो भी विद्यमान है सर्वश्रेष्ठी की रचना 6 दिन में करके सातवें दिन तख्त पर (सतलोक) में जा विराजा । कुछ पूर्ण परमात्मा की अर्थात अल्लाह की प्राप्ति कैसे होगी ? उसका वास्तविक ज्ञान तो किसी इलम वाले अर्थात तत्वदर्शी संत यानी बाखबर से पूछो । कुरान शरीफ का ज्ञान दाता कहता है कि उसे मैं नहीं जानता। उपरोक्त दोनों पवित्र धर्म ईसाई तथा मुसलमान के पवित्र शास्त्रों ने भी मिलजुल कर प्रमाणित कर दिया कि सर्व सृष्टि रचनहार, सर्व पाप विनाशक, सर्वशक्तिमान, अविनाशी परमात्मा मानव सदृश्य शरीर में आकार में है तथा सतलोक में रहता है उसका नाम कबीर है उसी को अल्लाहु अकबर भी कहते हैं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ने पुस्तक ''ज्ञान गंगा'' यह पुस्तक निशुल्क मंगवाने के लिए अपना नाम पूरा पता और मोबाइल नंबर लिखकर इन नंबरों पर व्हाट्सएप करें :- 7496 8018 23
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